शरद 2026 से लुफ्थांसा-एएनए यूरोप-जापान संयुक्त उद्यम में शामिल होगी आईटीए एयरवेज

इटली की राष्ट्रीय एयरलाइन आईटीए एयरवेज शरद ऋतु 2026 से लुफ्थांसा समूह और जापान की ऑल निप्पॉन एयरवेज (एएनए) द्वारा संचालित यूरोप-जापान संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) में शामिल होगी। इसे एयरलाइन के लुफ्थांसा समूह में एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस संबंध में समझौते पर 7 जून को रियो डी जेनेरियो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (आईएटीए) की वार्षिक आम बैठक के दौरान हस्ताक्षर किए गए। समझौते के तहत आईटीए एयरवेज अपने यूरोपीय नेटवर्क के साथ-साथ रोम फ्यूमिचिनो और टोक्यो हानेडा के बीच संचालित लंबी दूरी की उड़ान सेवा को संयुक्त उद्यम में शामिल करेगी।

आईटीए एयरवेज की रोम-टोक्यो सेवा के शामिल होने से यात्रियों को यूरोप और जापान के बीच अधिक कनेक्टिविटी और यात्रा विकल्प मिलेंगे। यह सेवा एएनए की मिलान मालपेन्सा और टोक्यो हानेडा के बीच संचालित मौजूदा उड़ानों का पूरक बनेगी।

यूरोप-जापान संयुक्त उद्यम की स्थापना वर्ष 2012 में लुफ्थांसा और एएनए ने की थी। बाद के वर्षों में स्विस इंटरनेशनल एयर लाइंस और ऑस्ट्रियन एयरलाइंस भी इसमें शामिल हो गई थीं।

आईटीए एयरवेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं महाप्रबंधक जॉर्ग एबरहार्ट ने इस समझौते को एयरलाइन की अंतरराष्ट्रीय विकास रणनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता एशिया-प्रशांत क्षेत्र के साथ आईटीए एयरवेज की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा, जो कंपनी के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बाजार है।

जापान के नियामक प्राधिकरण पहले ही आईटीए एयरवेज को इस संयुक्त उद्यम में शामिल होने के लिए प्रतिस्पर्धा कानूनों से संबंधित आवश्यक छूट प्रदान कर चुके हैं। इससे साझेदार एयरलाइंस उड़ान समय-सारिणी और व्यावसायिक गतिविधियों का बेहतर समन्वय कर सकेंगी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब लुफ्थांसा समूह आईटीए एयरवेज में अपने निवेश को और बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जर्मन विमानन समूह 32.5 करोड़ यूरो के अतिरिक्त निवेश के माध्यम से एयरलाइन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 90 प्रतिशत करने की योजना बना रहा है। इस प्रक्रिया के वर्ष 2027 तक पूर्ण होने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आईटीए एयरवेज के इस संयुक्त उद्यम में शामिल होने से यूरोप और जापान के बीच हवाई संपर्क को नई मजबूती मिलेगी तथा यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और व्यापक नेटवर्क का लाभ प्राप्त होगा।

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