
जुलाई के व्यस्त यात्रा सीजन से पहले भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच प्रमुख हवाई मार्गों पर एयरफेयर में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्कूलों की छुट्टियों, ग्रीष्मकालीन अवकाश, प्रवासी भारतीयों की बढ़ती आवाजाही, पारिवारिक यात्राओं, व्यावसायिक दौरों और पर्यटन गतिविधियों में तेजी के कारण एयरलाइंस को रिकॉर्ड मांग का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रा उद्योग के विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, कोच्चि और चेन्नई जैसे भारतीय शहरों से दुबई, अबू धाबी, शारजाह और रस अल खैमाह के लिए संचालित उड़ानों में बुकिंग तेजी से बढ़ी है। विशेष रूप से अंतिम समय में टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को पहले की तुलना में काफी अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है, जबकि प्रीमियम श्रेणी की सीटों की उपलब्धता भी लगातार सीमित होती जा रही है।
बढ़ती मांग को देखते हुए कई एयरलाइंस अतिरिक्त उड़ानों का संचालन कर रही हैं और अधिक सीट क्षमता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही हैं। इसके बावजूद यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण किराए ऊंचे बने हुए हैं। ट्रैवल विशेषज्ञ यात्रियों को सलाह दे रहे हैं कि वे बेहतर किराए और सुविधाजनक उड़ान विकल्प प्राप्त करने के लिए अपनी टिकटें पहले से ही बुक कर लें।
भारत–यूएई हवाई मार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय विमानन कॉरिडोर में से एक माना जाता है। दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक संबंध, पर्यटन, पारिवारिक यात्राएं और बड़ी भारतीय प्रवासी आबादी इस मार्ग पर लगातार उच्च यात्री मांग बनाए रखती है। उद्योग विश्लेषकों का अनुमान है कि पूरे जुलाई महीने के दौरान यात्री संख्या मजबूत बनी रहेगी और छुट्टियों के चरम दौर के समाप्त होने तक हवाई किराए ऊंचे रहने की संभावना है।

