
दिल्ली टूरिज़्म एंड ट्रांसपोर्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DTTDC) ने ट्रैवल और टूरिज़्म इंडस्ट्री के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ एक मीटिंग की। इसका मकसद दिल्ली के टूरिज़्म इकोसिस्टम को मज़बूत करना और राजधानी में आने वाले पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सुझाव लेना था।
इस मीटिंग की अध्यक्षता DTTDC के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, सुनील अंछीपाका (IAS) ने की। इसमें इंडियन एसोसिएशन ऑफ़ टूर ऑपरेटर्स (IATO) के प्रेसिडेंट रवि गोसाईं, TAFI नॉर्थ इंडिया के चेयरमैन डॉ. सुभाष गोयल और दिनेश कुमार के साथ-साथ ट्रैवल एसोसिएशन, टूर ऑपरेटर और टूरिज़्म से जुड़े अन्य लोगों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बातचीत के दौरान, इंडस्ट्री के सदस्यों ने दिल्ली को एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर और आकर्षक बनाने के लिए कई सुझाव दिए। मुख्य सुझावों में टूरिस्ट जगहों पर साफ़-सफ़ाई के ऊँचे स्टैंडर्ड बनाए रखना, सुरक्षा और संरक्षा को मज़बूत करना (खासकर महिला यात्रियों के लिए), स्मारकों पर पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाना और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक खास ‘दिल्ली टूरिज़्म फैसिलिटेशन काउंटर’ बनाना शामिल था, ताकि घरेलू और विदेशी पर्यटकों को पहुँचते ही जानकारी, गाइडेंस और टूरिज़्म से जुड़ी सेवाएँ मिल सकें।
स्टेकहोल्डर्स ने दिल्ली को घूमने-फिरने और बिज़नेस टूरिज़्म के लिए एक पसंदीदा जगह के तौर पर स्थापित करने के लिए डेस्टिनेशन के बेहतर प्रमोशन और सरकार व ट्रैवल ट्रेड के बीच बेहतर तालमेल की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।
सभा को संबोधित करते हुए, सुनील अंछीपाका ने प्रतिभागियों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में टूरिज़्म से जुड़ी पहल लागू करते समय इंडस्ट्री से मिले सुझावों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने स्टेकहोल्डर्स को यह भी बताया कि दिल्ली की डबल-डेकर टूरिस्ट बसें जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है, जो शहर घूमने वाले पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण होंगी।
उन्होंने आगे घोषणा की कि 11 अगस्त को अक्षरधाम में एक बड़ा टूरिज़्म इवेंट आयोजित किया जाएगा, जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री और केंद्रीय टूरिज़्म मंत्री समेत कई गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।

