रेलवे ने नई बेंगलुरु-मुंबई एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया; वंदे भारत स्लीपर सेवा शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कर्नाटक में रेलवे के बड़े विस्तार, स्टेशन पुनर्निर्माण और उपनगरीय रेल की प्रगति पर प्रकाश डाला।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु और मुंबई के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा को वर्चुअल रूप से हरी झंडी दिखाकर कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया।

इस अवसर पर मंत्री ने घोषणा की कि बेंगलुरु और मुंबई को जोड़ने वाली वंदे भारत स्लीपर सेवा जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है, जिससे दक्षिण और उत्तर कर्नाटक तथा पश्चिमी भारत के बीच बेहतर संपर्क की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी।

कर्नाटक में रेलवे अवसंरचना के विकास पर प्रकाश डालते हुए वैष्णव ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में रेलवे निधि में भारी वृद्धि हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र में कई परियोजनाओं को गति मिली है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत, कर्नाटक के 61 रेलवे स्टेशनों का ₹2,160 करोड़ की लागत से पुनर्निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से नौ परियोजनाएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं। बेंगलुरु कैंटोनमेंट स्टेशन का ₹485 करोड़ की लागत से पुनर्निर्माण किया जा रहा है, जबकि यशवंतपुर स्टेशन का ₹367 करोड़ की लागत से पुनर्निर्माण चल रहा है।

मंत्री जी ने बताया कि 2014 से कर्नाटक में लगभग 1,750 किलोमीटर नई रेलवे लाइनें बिछाई गई हैं, जबकि हसन-मंगलुरु खंड पर विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है और वर्तमान में इसका परीक्षण चल रहा है।

बेंगलुरु उपनगरीय रेलवे परियोजना के बारे में वैष्णव ने कहा कि सभी चार नियोजित कॉरिडोर पर काम प्रगति पर है। बैयप्पनहल्ली-चिक्कबनवारा और हीलालिगे-राजनुकुंटे कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और स्टेशन निर्माण कार्य पहले से ही चल रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि केएसआर बेंगलुरु-देवनहल्ली मार्ग को रेलवे और कर्नाटक सरकार से संयुक्त स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि केंगेरी-व्हाइटफील्ड कॉरिडोर को भी मंजूरी मिल गई है और सर्वेक्षण कार्य शीघ्र ही शुरू होगा। उपनगरीय नेटवर्क से हवाई अड्डे, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, मराठाहल्ली और हेब्बल सहित प्रमुख केंद्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद है।

वैष्णव ने यह भी बताया कि कर्नाटक में वर्तमान में वंदे भारत ट्रेनों की 12 जोड़ियाँ चल रही हैं, जबकि मडगांव तक तटीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए बेंगलुरु-मंगलुरु मार्ग पर परीक्षण कार्य चल रहा है।

रेल मंत्री ने पुष्टि की कि भारत की दीर्घकालिक हाई-स्पीड रेल विस्तार योजना के तहत बेंगलुरु को हैदराबाद और चेन्नई से जोड़ने वाले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी गई है।

केंद्रीय रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने कहा कि नई बेंगलुरु-मुंबई ट्रेन देश के सबसे व्यस्त यात्रा कॉरिडोर में से एक पर यात्रियों को काफी लाभ पहुंचाएगी और साथ ही कर्नाटक के आर्थिक विकास में भी योगदान देगी।

उन्होंने आगे कहा कि कर्नाटक को रेलवे के लिए रिकॉर्ड 7,748 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है और रेलवे विद्युतीकरण 100 प्रतिशत के करीब पहुंच रहा है। सिग्नलिंग सिस्टम, रेल ओवरब्रिज और उपनगरीय रेल बुनियादी ढांचे में भी बड़े निवेश किए जा रहे हैं।

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