
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने भारत और कनाडा के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। दोनों देशों का लक्ष्य आर्थिक विकास को गति देना और व्यवसायों के लिए नए अवसर सृजित करना है।
हाल ही में हुई मंत्रिस्तरीय बैठकों के बाद, दोनों पक्षों ने स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, कृषि-खाद्य, उन्नत विनिर्माण, डिजिटल प्रौद्योगिकी और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। इस अवसर पर, कनाडा ने अब तक के सबसे बड़े भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।
दोनों मंत्रियों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और इस वर्ष के अंत तक वार्ता को पूरा करने का साझा लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता बाजार पहुंच बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने और द्विपक्षीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
चर्चा के दौरान, “कनाडा-भारत व्यापार एवं निवेश मंच” का भी शुभारंभ किया गया। इस मंच का उद्देश्य दोनों देशों के उद्योगों को एक साथ लाकर नई व्यावसायिक साझेदारियों और निवेश के अवसरों को प्रोत्साहित करना है।
दोनों देशों ने व्यापार संबंधों को विस्तार देने में जन-संबंधों, व्यापारिक गतिशीलता और प्रत्यक्ष वाणिज्यिक भागीदारी के महत्व पर बल दिया। कनाडा ने यह भी पुष्टि की कि वह इस वर्ष भारत में “टीम कनाडा व्यापार मिशन” का नेतृत्व करेगा, जो भारतीय बाजार में कनाडाई कंपनियों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
भारत और कनाडा ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में दीर्घकालिक, उच्च गुणवत्ता वाले निवेश को बढ़ावा देने और नवाचार, उद्योग और संस्थागत साझेदारी में सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमति व्यक्त की। दोनों पक्षों ने आने वाले महीनों में नियमित संवाद बनाए रखने और ठोस परिणाम प्राप्त करने के लिए भी प्रतिबद्धता जताई।

