
सोमवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने भारत के एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर के सफर में एक अहम पड़ाव हासिल किया। इसने अपनी पहली पैसेंजर फ्लाइट का स्वागत किया और उत्तर प्रदेश के जेवर में बने इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर कमर्शियल ऑपरेशन आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया।
इंडिगो की पहली फ्लाइट सुबह-सुबह लखनऊ से पहुंची। इससे उन रेगुलर पैसेंजर सर्विस की शुरुआत हुई, जिनके भारत के सबसे अहम एविएशन हब में से एक बनने की उम्मीद है।
एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, इंडिगो की फ्लाइट 6E 2278 सुबह 7:12 बजे लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रवाना हुई और सुबह 7:58 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरी। इस तरह एयरपोर्ट पर पहली कमर्शियल लैंडिंग पूरी हुई।
लैंडिंग के कुछ ही देर बाद, एयरपोर्ट से पहली रवानगी (डिपार्चर) भी हुई, जब इंडिगो की एक फ्लाइट लखनऊ के लिए रवाना हुई। फ्लाइट में सवार यात्रियों में जेवर इलाके के वे लोग भी शामिल थे जिनकी ज़मीन एयरपोर्ट के पहले चरण के विकास के लिए ली गई थी, साथ ही प्रोजेक्ट से जुड़े जन-प्रतिनिधि और अधिकारी भी थे।
पैसेंजर ऑपरेशन की शुरुआत पश्चिमी उत्तर प्रदेश और नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) के लिए हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उम्मीद है कि यह एयरपोर्ट दिल्ली-NCR के लिए एक वैकल्पिक गेटवे के तौर पर काम करेगा और साथ ही क्षेत्रीय आर्थिक विकास, पर्यटन और बिज़नेस यात्रा को बढ़ावा देगा।
अधिकारियों ने कहा कि इस नई कनेक्टिविटी से कई तरह के यात्रियों को फ़ायदा होगा, जिनमें बिज़नेस प्रोफेशनल, छात्र, पर्यटक और आस-पास के ज़िलों के निवासी शामिल हैं। उन्हें यात्रा के अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे और इलाके के मौजूदा एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव कम होगा।
एक आधुनिक एविएशन हब के तौर पर विकसित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी पर खास ध्यान देते हुए डिज़ाइन किया गया है। इसमें हवाई यात्रा को सड़क और भविष्य के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के साथ जोड़ा गया है ताकि पूरे उत्तर भारत में आवाजाही आसान हो सके।
कमर्शियल ऑपरेशन की शुरुआत इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है। उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट भारत के एविएशन नेटवर्क को मज़बूत करने और आने वाले सालों में देश में यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।

