
यूनाइटेड एयरलाइंस ने स्टारलिंक हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट वाली अपनी पहली ट्रांसअटलांटिक वाइडबॉडी फ़्लाइट शुरू की है। यह एयरलाइन के पूरे फ़्लीट में कनेक्टिविटी प्रोग्राम के तहत एक बड़ी उपलब्धि है।
इसकी पहली इंटरनेशनल सर्विस, नेवार्क से लंदन के लिए बोइंग 777-200 पर फ़्लाइट 14, 23 जून को चली। यह एयरलाइन की पहली ऐसी ओवरसीज़ वाइडबॉडी कस्टमर फ़्लाइट बन गई जिसमें स्टारलिंक-पावर्ड इंटरनेट की सुविधा दी गई।
यूनाइटेड की योजना इस साल लगभग 60 वाइडबॉडी एयरक्राफ्ट में स्टारलिंक लगाने की है और उम्मीद है कि अगले साल की गर्मियों तक पूरे वाइडबॉडी फ़्लीट को अपग्रेड कर दिया जाएगा। 400 से ज़्यादा एयरक्राफ्ट में यह सुविधा पहले ही लगाई जा चुकी है और एयरलाइन को उम्मीद है कि साल के अंत तक यह संख्या लगभग 1,000 एयरक्राफ्ट तक पहुँच जाएगी।
स्टारलिंक के लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट नेटवर्क से चलने वाली यह सर्विस समुद्र, ध्रुवीय क्षेत्रों और अन्य दूर-दराज़ इलाकों में भी भरोसेमंद हाई-स्पीड इंटरनेट देती है, जहाँ आम तौर पर इन-फ़्लाइट कनेक्टिविटी सीमित होती है।
यह मुफ़्त सर्विस माइलेजप्लस (MileagePlus) मेंबर्स के लिए उपलब्ध है, जिससे यात्री अपनी यात्रा के दौरान कंटेंट स्ट्रीम कर सकते हैं, ऑनलाइन काम कर सकते हैं, शॉपिंग कर सकते हैं, गेम खेल सकते हैं और कई डिवाइस कनेक्ट कर सकते हैं।
पिछले साल स्टारलिंक-युक्त फ़्लाइट्स शुरू करने के बाद से, यूनाइटेड ने 311,000 से ज़्यादा फ़्लाइट्स में 18.6 मिलियन यात्रियों को यात्रा कराई है और लगभग 10 मिलियन डिवाइस कनेक्ट किए हैं, जो निर्बाध ऑनबोर्ड कनेक्टिविटी की बढ़ती माँग को दर्शाता है।

