
द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद सर्वोच्च न्यायालय में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है। संविधान के अनुच्छेद 124 के खंड (2) के तहत जारी अधिसूचना में चार उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और एक वरिष्ठ अधिवक्ता को सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
नियुक्त किए गए न्यायाधीशों में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू, बॉम्बे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा तथा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण पल्ली शामिल हैं।
इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीमती वेंकिता सुब्रमणि मोहना को भी सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
अधिसूचना के अनुसार, सभी नियुक्तियां पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी।
सुप्रीम कोर्ट में इन पांच न्यायाधीशों की नियुक्ति
शीर्ष अदालत में नियुक्त किए गए न्यायाधीशों में बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति चंद्रशेखर का नाम शामिल है। इसके अलावा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण पल्ली को भी सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाया गया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता वी. सुब्रमणि मोहना को भी सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। विधि मंत्रालय ने सोमवार सुबह इस संबंध में अधिसूचनाएं जारी कीं।
अर्जुन राम मेघवाल ने दी जानकारी
Arjun Ram Meghwal ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 124 के खंड (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद इन नियुक्तियों को मंजूरी दी है। उन्होंने सभी नए न्यायाधीशों को शुभकामनाएं भी दीं।
वी. सुब्रमणि मोहना का खास सफर
वी. सुब्रमणि मोहना उन चुनिंदा लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने वकालत से सीधे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बनने तक का सफर तय किया है। वह ऐसे परिवार से आती हैं, जिसका कानून के पेशे से कोई संबंध नहीं था। वर्ष 1983 में भारत में शुरू हुए पहले पांच वर्षीय एकीकृत विधि पाठ्यक्रम के तहत उन्होंने कोयंबटूर के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज के पहले बैच में प्रवेश लिया था।
अब सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या होगी 37
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। सरकार संसद के अगले सत्र में इससे संबंधित विधेयक पेश करेगी। संविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का अधिकार संसद के पास है। कानून लागू होने के बाद रिक्त पदों को भरने के लिए कॉलेजियम नए नामों की सिफारिश कर सकेगा।

