केंद्र ने पूरे भारत में 117 पर्यटन परियोजनाओं के लिए ₹5,756.62 करोड़ मंज़ूर किए।

पर्यटन मंत्रालय ने पिछले दो सालों में देश भर में पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने, डिजिटल बदलाव को बढ़ावा देने और खास तरह के पर्यटन (niche tourism) को बढ़ाने के मकसद से कई केंद्रीय योजनाओं के तहत ₹5,756.62 करोड़ की लागत वाली 117 पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को मंज़ूरी दी है।

इन परियोजनाओं को ‘स्वदेश दर्शन 2.0’, ‘चैलेंज-बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट’ (CBDD), ‘प्रसाद’ (PRASHAD), ‘केंद्रीय एजेंसियों को सहायता’ (ACA), ‘DA-JUGA’ (आदिवासी इलाकों में गैप फंडिंग के तहत रहने की सुविधा का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना) और ‘राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता’ (SASCI) जैसी प्रमुख पहलों के तहत मंज़ूरी दी गई है।

इस निवेश में कई राज्यों में विरासत, आध्यात्मिक, तटीय, इको-टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन स्थल शामिल हैं।

‘स्वदेश दर्शन 2.0’ के तहत, मंत्रालय ने आंध्र प्रदेश में सूर्यलंका बीच का विकास, बिहार में बोधगया मेडिटेशन सेंटर, छत्तीसगढ़ में भोरमदेव टूरिज्म कॉरिडोर, लक्षद्वीप में बंगाराम द्वीप पर इको-रिट्रीट, महाराष्ट्र में शिवसृष्टि थीम पार्क और राजस्थान में खाटू श्याम जी मंदिर के आसपास इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी परियोजनाओं को मंज़ूरी दी है।

‘चैलेंज-बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट’ प्रोग्राम विरासत, आध्यात्मिकता और इको-टूरिज्म पर केंद्रित पर्यटन स्थलों के अपग्रेड में मदद कर रहा है, जिसमें नागार्जुन सागर बौद्ध विरासत, बीदर हेरिटेज सर्किट, रामेश्वरम और उत्तराखंड में माणा गांव शामिल हैं।

वहीं, ‘प्रसाद’ योजना के तहत अन्नावरम मंदिर, बॉम जीसस बेसिलिका, नवग्रह मंदिर और अंबिका भवानी मंदिर जैसे तीर्थ स्थलों पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत किया जा रहा है।

अन्य पहलों में विरासत स्थलों पर रोशनी की व्यवस्था (हेरिटेज इल्यूमिनेशन), ऐतिहासिक स्थलों की 3D मैपिंग, DA-JUGA के तहत आदिवासी होमस्टे का विकास और बड़े पैमाने पर पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे INS गुलदार अंडरवाटर म्यूज़ियम, आमेर-नाहरगढ़ पर्यटन विकास, लोकटक झील में पर्यटन सुविधाएं और ऋषिकेश में राफ्टिंग बेस स्टेशन शामिल हैं।

मंत्रालय ने सितंबर 2024 में लॉन्च किए गए नए ‘इनक्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म’ के ज़रिए अपनी डिजिटल पहुंच भी बढ़ाई है। यह प्लेटफॉर्म फ्लाइट, होटल, बस, कैब और ASI स्मारक टिकटों की बुकिंग को एक साथ लाता है और पर्यटकों की सुविधा के लिए कई भाषाओं को सपोर्ट करता है।

डिजिटल कैंपेन, इन्फ्लुएंसर के साथ सहयोग और अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल प्रदर्शनियों में भागीदारी के ज़रिए भी पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए, भारत ने कई वीज़ा कैटेगरी में 174 देशों के नागरिकों के लिए अपनी ई-वीज़ा सुविधा का विस्तार किया है। अन्य पहलों में 24×7 बहुभाषी टूरिस्ट हेल्पलाइन, प्रोफेशनल टूरिस्ट गाइड सर्टिफिकेशन प्रोग्राम और रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (UDAN) के तहत पहचाने गए 53 टूरिज्म रूट के ज़रिए बेहतर हवाई कनेक्टिविटी शामिल हैं।

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