FY26 में शानदार परफॉर्मेंस के बाद अकासा एयर ने 30% कैपेसिटी ग्रोथ का लक्ष्य रखा है।

आकासा एयर ने FY2025-26 के लिए शानदार फाइनेंशियल और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस की जानकारी दी है। कंपनी अब घरेलू और इंटरनेशनल मार्केट में अपने विस्तार को तेज़ करते हुए, मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में अपनी कैपेसिटी में 30% और बढ़ोतरी करने का लक्ष्य बना रही है।

31 मार्च, 2026 को खत्म हुए साल में एयरलाइन के ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 37% की बढ़ोतरी हुई। यह बढ़ोतरी कैपेसिटी में 30% की वृद्धि और यात्रियों की लगातार मांग के कारण संभव हुई। यह परफॉर्मेंस भारत की सबसे नई एयरलाइन की तेज़ी से हो रही ग्रोथ को दिखाती है, क्योंकि यह देश के बहुत ज़्यादा कॉम्पिटिटिव एविएशन मार्केट में अपनी स्थिति मज़बूत कर रही है।

साल के दौरान आकासा का औसत लोड फैक्टर 88% रहा और यह लॉन्च के बाद से 25 मिलियन यात्रियों को ले जाने वाली सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली भारतीय एयरलाइन बन गई। कार्गो ऑपरेशन में भी काफ़ी बढ़ोतरी हुई और वॉल्यूम 171,000 टन तक पहुँच गया।

एयरलाइन ने FY26 के दौरान अपने नेटवर्क का विस्तार करते हुए 26 घरेलू और छह इंटरनेशनल डेस्टिनेशन तक सेवाएँ शुरू कीं। इसकी कुल कैपेसिटी में इंटरनेशनल ऑपरेशन का हिस्सा लगभग एक-चौथाई रहा। आगे देखते हुए, एयरलाइन को उम्मीद है कि उसकी ग्रोथ स्ट्रैटेजी में विदेशी मार्केट की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होगी।

फाइनेंशियल मोर्चे पर, आकासा ने ‘रेवेन्यू पर अवेलेबल सीट किलोमीटर’ (RASK) में 10% का सुधार दर्ज किया, जबकि ‘कॉस्ट पर अवेलेबल सीट किलोमीटर’ (CASK) में 4% की कमी की। इससे ऑपरेटिंग मुनाफ़े में ज़बरदस्त सुधार हुआ। EBITDAR मार्जिन में 60% की बढ़ोतरी हुई, जो एविएशन सेक्टर में लागत के दबाव के बावजूद बेहतर ऑपरेशनल क्षमता को दर्शाता है।

एयरलाइन ने प्रेमजी इन्वेस्ट, 360 ONE एसेट, क्लेपॉन्ड कैपिटल और झुनझुनवाला परिवार से रणनीतिक निवेश के ज़रिए अपनी फाइनेंशियल स्थिति को भी मज़बूत किया, जिससे इसकी लंबी अवधि की ग्रोथ की संभावनाओं पर भरोसा और बढ़ा है।

विस्तार के अगले चरण के हिस्से के रूप में, आकासा नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिलने वाले मौकों का फ़ायदा उठाने की योजना बना रही है, साथ ही इंटरनेशनल स्तर पर अपनी मौजूदगी भी बढ़ा रही है। एयरलाइन का लक्ष्य भारत के सबसे नए और सबसे ज़्यादा फ्यूल-एफ़िशिएंट फ्लीट (विमानों के बेड़े) में से एक के साथ, ग्लोबल स्तर पर कॉम्पिटिटिव और सस्टेनेबल एविएशन बिज़नेस विकसित करना है।

पूरे इंडस्ट्री में विमानों की डिलीवरी से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद ये ग्रोथ प्लान बनाए गए हैं। एयरलाइन नेटवर्क विस्तार, ऑपरेशनल क्षमता और कस्टमर एक्सपीरियंस पर ध्यान केंद्रित करते हुए ग्रोथ के अगले चरण की तैयारी कर रही है।

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